ब्लॉगिंग क्या है और कैसे शुरू करें। What is Blogging?

ब्लॉगिंग क्या है और कैसे शुरू करें। What is Blogging?

अगर आप इस पोस्‍ट को पढ़ करे हैं, तो इसका मतलब है कि आपको प्रोफेसनल ब्‍लॉगिंग में रूचि रखते हैं या इच्‍छुक हैं, आज के इस लेखन में हम जानेंगे कि ब्‍लॉगिंग क्‍या है और इसको लोग आज बढ़-चढ़ कर क्‍यों कर रहे हैं। हम जब भी कोई काम करते हैं जो प्रोफेशनली करते हैं, तो इसका मतलब यह होता है कि हम अपना बेस्‍ट स्‍किलस का इस्‍तेमाल कर उसको अच्‍छा करना चा‍हते हैं।

ब्‍लॉगिंग के बारे में गहराई से जानने से हले, मैं आपको ब्‍लॉगिंग के बारे में थोड़ा आईडिया दे देता हूँ, ब्‍लॉग एक तरह का वेबसाइट होता हे, जिसका उपयोग उन वेबसाइटों का वर्णन करने के लिए किया जाता है जो सूचनाओं पर आधारित हैं।

रोजाना लाखो, करोड़ो लोग गूगल या अलग-अलग सर्च इंजन पर अपनी समस्‍याओं का समाधान खोजते हैं, इसका मतलब यह नहीं कि सर्च इंजन लोगों कि समस्‍याओं का समाधान रखता है, इसका काम बस यही है कि यह अपको अलग-अलग वेबसाइट से इर्न्‍फोमेसन कलेक्‍ट करके आपको सही जानकारी प्राप्‍त कराता है।

हम यह कह सकते हैं कि लोग अपनी जानकारी सेयर करने के लिए ब्‍लॉगिंग करते हैं, तथा इससे दोनों रीडर्स और ब्‍लॉगर्स का फायदा होता है क्‍योंकि दोनोंं एक दूसरे कि सहायता करते हैं ।

ब्‍लॉगिंग बहुत ही आसान कार्य है और कोई भी इंसान इसे कंप्‍यूटर और इंटरनेट के ज्ञान के साथ शुरू करके लगातार सीखते हुए उसको उच्‍च शिखर पर ले जा सकता है।

Blogging क्या है?

किसी भी विषय पर अधारित ज्ञान या जानकारी को लिखकर इंटरनेट के माध्‍यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना ब्‍लॉगिंग कहालाता है।

ब्‍लॉगिंग में आपको, ब्‍लॉग पर किसी भी विषय की जानकारी को विस्‍तार पूवर्क लिखकर शेयर करना होता है जिसको दुनिया में कहीं भी कभी भी इंटरनेट के माध्‍यम से आसानी से पढ़ा़ जा सके। 

उदाहरण के लिए:- इस बलॉग पोस्‍ट में मैंने ब्‍लॉगिंग से संबन्धित जानकारी को विस्‍तार में लिखकर साझा की है। 

ब्लॉग एक ऑनलाइन जर्नल है जहां लोग उन चीजों के बारे में लिखते हैं जो उनके लिए मायने रखती हैं। बहुत सारे लोग इसे एक डायरी के रूप में उपयोग करते हैं और बहुत से लोग जो इससे लाभ कमाने के लिए ब्लॉग सुरू करते हैं।

बहुत सारे उपयोगकर्ता ब्‍लॉग शुरू करते हैं पर वे यह नहीं जानते हैं कि वह ब्‍लॉगिंग से अच्‍छे पैसे कमा सकते हैं। Google AdSense , Affiliate Marketing जैसी ब्लॉग मुद्रीकरण तकनीकों के जरिए आप कमाई कर सकते है और यह सब वैध है, इस तरह आप अपने मालिक बन सकते हैं।

ब्लॉगिंग की अवधारणा और सिद्धांत को अच्‍छे से समझने के लिए, आपको हमारे डिजिटल मार्केटिंग पाठ्यक्रम को देखें।

आज बहुत से लोग ब्लॉगिंग क्यों कर रहे हैं?

ब्लॉगिंग क्या है

क्या आप अपना खुद का ब्लॉग बनाना चाहते हैं? हाँ!

आज अधिकांश लोग विभिन्न कारणों से ब्लॉग शुरू कर रहे हैं। हर इंसान के पास बताने के लिए अपनी कहानी होती है। इंटरनेट के माध्यम से, ब्लॉगर बड़ी संख्या में लोगों के साथ संवाद कर सकते हैं।  

लोग ब्लॉग क्यों करते हैं इसके कई कारण हैं , जैसे:

  1. लोग अपनी भावनाओं को साझा करने के लिए ब्लॉग करते हैं
  2. लोग अपने ज्ञान को साझा करने और दुनिया के साथ सीखने के लिए ब्लॉग करते हैं
  3. लोग इससे व्यवसाय करने के लिए ब्लॉग करते हैं
  4. लोग अपने मौजूदा व्यवसाय का समर्थन करने के लिए ब्लॉग करते हैं
  5. लोग दुनिया की यात्रा करने और उसका दस्तावेजीकरण करने के लिए यात्रा ब्लॉग शुरू करते हैं
  6. सामाजिक परिवर्तन लाने के लिए लोग ब्लॉग शुरू करते हैं

एैसे और भी कई कारण हैं।

आपके ब्लॉगिंग का कारण चाहे जो भी हो, DM-PATHSHALA आपके लक्ष्यों को प्राप्त करने में आपकी मदद करने के लिए है, और यदि आवश्यक हो, तो यह आपको अपने जुनून को खोजने में भी मदद करेगा।

चाहे वह ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म चुनना हो , ब्लॉग बनाना हो, ट्रैफिक चलाना हो, पैसा कमाना हो, हमारा प्लेटफॉर्म आपको सब कुछ मुफ्त में सीखने में मदद करेगा।

Blogging कैसे शुरू करे

तो Blogging शुरू करने से पहले यह बात याद रखे आपको नियमित रूप से प्रतिदिन नयी चीजों को सीखते हुए, धैर्य के साथ काम करना होगा।

एक सफल ब्‍लॉगर बनने के लिए आपको कड़ी मेहनत करनी होगी और इसमें बहुत धैर्य की जरूरत होती है क्‍योकि आपको ब्‍लॉगिंग करके के लिए अनेक चीजों को सीखने कि जरूरत होती है जिसमें थोड़ा समय लगता है। 

ब्‍लॉगिंग शुरू करने से पहले यह बात याद रखे कि आपको नियमित रूप से प्रतिदिन कुछ न कुछ नयी चीजें सीखते हुए, धैर्य के साथ काम करना होगा।

नीचे दिए गए Steps को फोलो करें-

Step 1. Blogging के लिए विषय का चुनाव करे

अगर आप ब्‍लॉगिंग शुरू कर रहे हैं तो सबसे पहला और मुख्‍य विषय है आपको किसी महान विषय कि जरूरत नहीं है आप जिस विषय विशेष में अपना ब्‍लाग शुरू कर रहे हैं उसी से संबंधित विषय का चुनाव करे।

विषय का चुनाव करने से पहले यह ध्‍यान देना होता है कि आपका विषय अच्‍छा है, कितना उपयोगी है और कितना अद्वितीय है। 

और तो और आपके पास उस विषय में अच्‍छा अनुभव हो और अलग अवाज हो जो दुसरे लोगों को आपके ब्‍लॉग कि तरफ आकर्षित करे।

Step 2. Blog का नाम का चुनाव करे

How to choose blog name

जब आप ब्‍लॉग शुरू करते हैं हो तो आपके मन में बहुत सारे नामों के विचार आते हैं क्‍योंकि यह स्‍टेप बहुत महत्‍वपूर्ण है। इसमे हम ब्‍लॉग के नाम का चुनाव करने वाले हैं जिसे हम डोमेन नेम भी बोलते हैं।
डोमेन नेम आपका ब्रांंड होता है इसलिए याद रहे कि कौनसा नाम लोगों को जल्‍दी याद होगा और आसानी से याद किया जा सके।
डोमेन नेम का उपयोग सिर्फ एक ब्‍लॉग या वेबसाइस के लिए जाता है। डोमेन नेम आप GoDaddy, Name Cheap, Bluehost जैसी डोमेन प्रोवाइडर कंपनी कि वेबसाइट से आप सकते है, यही नहीं आप किसी भी डोमेन कि उपलब्‍धता कि जॉंच भी कर सकते हैं।

नोट : Domain name का चुनाव करने में अधिक समय भी बर्बाद न करे क्योकि यह समय Blog Setup करके ब्लॉग्गिंग के दूसरे महत्वपूर्ण कार्य करने का है।

Domain name का चुनाव करते वक़्त सिर्फ तीन बातो का ध्यान रखे।

  1. याद करने में आसान हो
  2. अधिक लम्बा न हो
  3. Blogging के विषय से संबंधित हो

मैं आपको सलाह दूंगा की यदि हो सके तो .com extension का चुनाव करें क्योकि यह लोगो को याद रखना आसान होती है।

यदि आपके Domain के लिए .com विकल्प उपलब्ध न हो तो आप अन्य Domain Extension जैसे .Net .Co आदि भी खरीद सकते है।

Step 3. Blogging Platform का चुनाव करें

Best platform for blogging

ब्‍लॉगिंग प्‍लेटर्फाम में जैसे WordPress, Joomla Wix, Weebly, Squarespace आदि है जहा से आप अपनी पसंदीदा ब्‍लॉगिंग प्‍लेटर्फाम का चुनाव कर सकते हैं।
ब्‍लॉगिंग प्‍लेटर्फाम एक तरह का ओपन सोर्स साफ्टवेयर है जिसका उपयोग ब्‍लाग को चलाने में करते हैं।

ज्‍यादातर लोग WordPress.org का उपयोग करते हैं क्‍योंकि WordPress उपयोग में सरल है आसानी से कोई भी इसपर काम कर सकता है।

  •  यह नये लोगो के लिए भी आसन है।
  • यब Blogging को Email लिखने जैसा आसान बनाता है।
  • यह आपको अपना .com Domain उपयोग करने देता है।
  • यह बिल्कुल मुफ्त है। (सिर्फ Hosting और Domain खरीदनी होती है)
  • यह 5000+ Free Themes देता है जो आपके Blog Design को बेहतरीन बनाती है।
  • इसपर Blog बनाकर आप Blog से अनेक तरीको से पैसे भी कमा सकते है।
  • अगर आपको कोडिंग आती है तो आप खुद से अपना ब्‍लॉग पेज डिजाइन कर सकते हैं।

एसे बहुत से कारण हैं जिनकी वजह से WordPress दुनिया भर के लोग इसका इस्‍तेमाल करना पसंद करते हैं। यही नहीं दुनिया भर कि 62% अच्‍छी वेबसाइट WordPress में बनी हैं।

WordPress अपनी साइट पर इन्‍सटाल करना बहुत ही आसान है WordPress आपको 2 तरह के इन्‍सटालेशन देता है यदि आप मुफ्त में WordPress उपयोग करना चाहते हैं तो आपको WordPress के डिफाल्‍ट डोमेन के साथ फ्री होस्टिंग का उपयोग करके ब्‍लॉगिंग शुरू कर सकते हैं। साथ ही यदि आप किसी भी कंपनी कि होस्टिंग को ले सकते हैं जहा से आप आसानी से अपने डोमेन में WordPress को इन्‍सटाल कर सकते हैं।

नोट: यदि आप blogspot.com या wordpress.com जैसी पर फ्री ब्‍लॉगिंग बनाते हैं तो आपको कठिन मेहनत से और पैसे कमा पाऐंगे। लेकिन WordPress पर सब कुछ आपका होता है और Blog से सिर्फ आप पैसे कमाते है।

Step 4. Web hosting का चुनाव करे

Which web Hosting is best

यहां तक आपने ब्‍लाॅग का नाम तथा किस प्‍लेटर्फाम पर जाना है उसका निर्णय ले चुके होंगे। मैने WordPress.org पर ब्‍लॉगिंंग शुरू की थी जिसकी मैं सभी को सलाह देता हूँ।
अब बात आती है वेब होस्टिंग कि- वेब होसटिंग क्‍या है।
कोई भी ब्‍लॉग या वेबसाइट, फाइल जैसे Text, Images और Videos का भंडार होता है इन Files को Web Server में Host किया जाता है ताकि इन्हें इंटरनेट के द्वारा कही भी ऑनलाइन देखा जा सके। जैसे कि-
वेब होस्टिंग सेवा आपकी वेबसाइट फाइल्स को web servers (उच्च स्तरीय कम्प्यूटर्स ) पर store कर देती है| जब कोई भी आपकी वेबसाइट तक पहुँचने के लिए उसका address या URL अपने browser में लिखता है, तब ये web servers उस ग्राहक के अनुरोध को स्वीकार करते हुए उसके कंप्यूटर तक आपकी वेबसाइट फाइल्स की एक कॉपी पंहुचा देती है, जिसके परिणामस्वरूप ग्राहक के कंप्यूटर पर आपकी वेबसाइट खुल जाती है|

Hosting में तीन मुख्‍य बातों को ध्‍यान दें

आप जिस कंपनी कि Hosting को खरीदते हैं उससे पहले इन तीन महत्‍वर्पूण बातों पर ध्‍यान दें- 

  1. Uptime: आप जिस होस्टिंग को लेते है उसमें आप यह सुनिस्चित करें कि होस्टिंग एसी होनी चाहिए जो कभी आफलाइन न और न ही आपकी साइट स्‍पीड कम हो ताकि किसी भी समय आपके यूजर्स और विजिर्टस आपकी वेेबसाइट पर आसानी से एक्‍सेस कर पाएं। 
  2. Support: ध्‍यान दें कि साइट में तकनीकि खराबी आना आम है जिसकी मदद के लिए आपके होस्टिंग एक्‍सपर्ट मदद प्रदान करते हैं ताकि कभी भी आपको परेशानी आने पर ये आपकी आसानी से ठीर सकते हैं।   
  3. Price: ज्‍यादातर होस्टिंग कंपनी हैंं कम पैसे का लालच देकर बाद में ठगी करती हैं, आपको एक सही प्राइस वाली होसिग को खरीदना चाहिए जो वन टाइम चार्ज हो।  

यदि शुरुआत में आप सस्ती, सुरक्षित और अच्छी Web Hosting चाहते है तो मैं आपको Hostgator , IONOS या GoDaddy की सलाह दूंगा।

Step 5. Blog पोस्ट लिखे

ब्लॉग जिसके द्वारा लिखा जाता है वह ब्लॉगर कहलाता है तथा ब्लॉगर द्वारा जो कंटेंट या आर्टिकल लिखा जाता है ब्लॉग पोस्ट कहलाता है।

Blog लिखने से पहले आवश्यक जानकारी 

किसी भी काम को शुरू करने से पहले हम उसके बारे में आवश्‍यक चीजों को समझतें हैं।

ब्‍लॉग को गूगल सर्च इंजन पर रैंक कराने के लिए हमें निम्‍नलिखित बातें जानना आवशयक है-

  1. आप किसी भी भााषा में ब्‍लॉग लिख सकते हैं‍।
  2. ब्‍लॉग लिखने से पहले ब्‍लॉग के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए।
  3. किसी भी ब्‍लॉग को शुरू करने से पहले गूगल पर सबसे ज्‍यादा सर्च करने वाला किवर्ड कौन सा है यह जानना आवश्‍यक है।
  4. जिस ब्‍लॉग को लिख रहे हों वह उपयोगी होना चाहिए उसमें कुछ भी व्‍यर्थ न हो।
  5. आप जिस किसी भाषा में लिख रहे हों चाहे हिन्‍दी या अंग्रेजी सुनीस्चित करें कि मात्रा और शब्‍द सही हो तथा स्‍पेलिंग में कोई त्रुटी न हो।
  6. ब्‍लॉग लिखने से पहले हमें Seo के बारे में पता हो अति आवश्‍यक है।
  7. किची भी ब्‍लॉग को शुरू करने से पहले हमें कोई एक विषय का चुनाव करना चाहिए। निर्धारित करें कि हर बार अलग अलग विषय के प्रकार के ब्‍लॉग पोस्‍ट लिखना सही नहीं है।
  8. हमें अपनी वेबसाइट के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए।
  9. ब्लॉग पोस्‍ट में image डालें जिससे आपका ब्‍लॉग पोस्‍ट रीडर्स को आसानी होगी समझने में साथ ही यह आकर्षक लगता है।
  10. यदि आप ब्‍लॉग लिख रहे हैं तो ध्‍यान रखें कि आपको किसी और के ब्‍लॉग को कॉपी नहीं करना है। आपको खुद के शब्‍दों में ब्‍लॉग लिखना है। हो सके तो अपने विषय को और अच्‍छे से जानने के लिए आप किसी भी साइस से आइडिया ले सकते हैं। 

यहां आपके दिमाग में दो शब्द आए होंगे Keyword सर्च और Seo क्‍या होता है- चिंता ना करें आगे इसके बारे में विस्तार से यहा पर बताया गया है

Conclusion

जहां तक मेरा ख्‍याल है आप उपर देश ही चुके हैं ब्‍लाग बनाना कितना आसान है उपर के

How to do keyword research: The beginner’s guide

How to do keyword research: The beginner’s guide

If you are a website owner, online marketer, or content creator. If you want to grow your online business.

Then definitely you would like more audience to visit your website so that they can read your content and buy your products or services.

For this, if you’ve spent any time at all looking into google/ranking factors.

Then surely you’ve heard about keyword research.

But if you don’t have much knowledge about What is a keyword? How to do keyword research?

Then surely, you are in the right place.

In this post, I’ll tell you some basic tips for keyword selection.

Let’s start..

What is keyword

When we use Google or any other search engine, we enter words into the search box to find what we’re looking for.

The search engine results page (SERP) returns us lots of organic results because they’re directly related to the words in the search box.

So if you are a website owner or content creator, first, you should identify the word also then include those keywords(words) on your page to be relevant to what people are looking for, so that they have a big chance of finding your content among their top results.

Even It’s a long, tedious, and laborious task, but it’s also the foundation of the search engine ranking factor and has been around a long period.

How to find the right keyword before this, we need to know why keywords research is important.

Why keyword research is important

it’s crucial to find out what your potential customers or readers are searching for on Google thereby you can create content for your website around these topics.

Keyword research matter to Google and SEO professionals for several reasons, but here are two big ones.

  • Keyword research gives us clues to who people are and what they want, allowing us to meet their needs better.
  • Keywords can provide a “bullseye” towards which content writer can aim their content. 

Keyword research isn’t just about searching words that your targeted audience may be searching for, but more about getting quality keywords that are going to make a positive impression on your site.

In short, If you optimize your text without keyword research, you’ll probably rank well on these specific terms. But, you’ll miss a large number of your potential audience because your audience uses other words.

How to do keyword research

There are multiple ways to do it, either manually or using a keyword research tool, But whichever way you choose, there are several essential steps that you need to take. From planning your goals to executing your keyword plan.

Before you figure out what are the best keywords to optimize your page, it’s better that you start by diving deep to learn more about your topic or niche.

It can give you outstanding ideas and help different angles to your writing strategy that you might not have thought about before. 

Fortunately, selecting keywords isn’t a guessing game; that’s why you need the keyword research tools.

There are several free and paid keyword research tools available in the market 

Let’s start with free keyword research tools to performing proper and accurate keyword research:

1. Answer the Public

Answer The Public is a free keyword tool that reflects search questions and suggested autocomplete searches in an image called a search cloud.

The content ideas come in different categories:

1. Questions – what, where, why, which, how.

2. Prepositions – with, to, for, like.

3. Comparisons – like, and, or, vs.

4. Alphabetical – a, b, c, etc.

Free Keyword Research tool

These inquiries can help direct your top-of-funnel content strategy. Include these within your existing content or create fresh blog posts that answer them in-depth.

2.  Keywordtool.io

It is an amazing and extremely reliable free online keyword research tool that creates multiple relevant long-tail keywords related to your search query. It extracts Google keyword suggestions and gives it to you in an easy-to-understand interface.

keywordtool.io

To use Keyword Tool.io, simply, You have to put keywords in the search box, choose your location, select your preferred language and press the search button.

It will give you keyword suggestions and some data. You can copy all the suggested keywords and make your list. 

3.  Google Keyword Planner

One of the most popular sources to find out the keyword idea is Google Keyword Planner.

How to use google keyword planner

It’s 100% free to use. In order to use the Google Keyword Planner, you NEED to have a Google Ads account.

If you don’t have an Adwords account, you can easily set it up:

How to use google keyword planner-

  1. first, Sign in to your Google Ads account.
  2. In the top right corner, click the Tools & settings icon, then under Planning, select Keyword Planner.
  3. Now you can type or paste in the “Find new keywords” search box then press “Enter” button:
  4. Click on Get started.
  5. Review your keywords in the keyword ideas page.

Thing is that you can easily export your research into spreadsheets, then copy and paste your data into a master tracking document.

4.  LSI graph

It is also a free tool that allows you to generate Latent Semantic Indexing (LSI) keywords in the easiest way.

Keyword research tool

To find out the LSI keyword, you have to add your targeted keyword in the given search box, then click on the generate button.it will generate the associated LSI keywords.

5. Ubersuggest

If you need more keyword research ideas, suggestions will help you to provide multiple keyword suggestions. You can check volume and competition, and even seasonal trends for each keyword. It also provides about topics that people are actually interested in.

Thus you can find the right keywords that your potential audience is already using while looking for similar content, products, or services online.

Conclusion

There are many more ways to do keyword research and it’s difficult to cover everything in one article. Hopefully, this short content helped you to understand the quick and easy way to research keywords.

Luckily, all the keyword tools and data you need for keyword research are easily available at your fingertips. Use them wisely and create a keyword strategy that will get your content onto the first page of search engine results and encourage your visitor to take action.

Click here to learn about “How to do website promotion”.

How to submit your website in Google Search Console (HINDI)

How to submit your website in Google Search Console (HINDI)

क्या आप blogging की दुनिया में नए हैं? क्या आपको Google search console के बारे में जानकारी नहीं है? तो यह article आपके लिए बेहद अहम है..

क्योंकि इस article में हम जानेंगे कि Google search console क्या है? अपने website को Google search console में कैसे submit करें? (How to submit your website in google search console in Hindi)?

Google Search Console क्या है?

Google search console google के द्वारा develop किया गया एक online free tool है। जिसका उपयोग कोई भी Website or blog owner आसानी से कर सकता है। इसे पहले यह Google webmaster tool के नाम से जाना जाता था, लेकिन बाद में इसका नाम बदलकर google नें google search console कर दिया।

यह आपकी website को monitor, maintain,troubleshoot एवं error solve करने में आपकी मदद करता है।

Google किसी भी नयी website, blog अथवा content को index करने में समय लेता है। Because जब randomly google के bots आपकी website में आते हैं तब ही आपका content index होता है।

वहीँ यदि किसी Blog अथवा website को google search console में add कर लेते हैं, तो उस website का data google आसानी से fetch कर लेता है।

जब आप अपनी Website/blog में कोई नया content डालते हैं, तो google search console में उसकी link fetch करके आप google को खुद से उस content के बारे में बता सकते हैं। जिसके कि आपका content जल्दी rank हो।

इन सब के अलावा Google search console में बहुत सारे options तथा features हैं, जो हमारे काम को आसान बनाने में हमारी मदद करते हैं। इसकी मदद से आप अपनी Website के referring domains, mobile site performance, rich search results, dead links, errors, highest-traffic queries और pages आदि भी देख सकते हैं।

Google search console में blog/website कैसे add करें(in Hindi)

Step #1: Google Search Console में Login करें

Google search console में अलग से account बनाने (sign up की करने की जरूरत नहीं रहती है। आप Direct अपने gmail account की मदद से login कर सकते हैं, किसी अन्य तरीके से इसमें login अथवा sign up नहीं किया जा सकता है।

Google search console : submit website
Step for login
  1. https://search.google.com/search-console/ link पर click करें।
  2. ‘Start Now’ button में click करें।
  3. Sign in’ option में click करें।
  4. (Gmail id/password ) डालकर sign in करें।

Step #2:  Add Property

Sign in करने के बाद Google search console का homepage open हो जाएगा. यहाँ पर Top bar में बाएं तरफ दिए हुए ‘Add property’ option में click करें।

Step #3:  Select Property Type

यहाँ पर आपको 2 विकल्प दिखेंगे Domain और URL Prefix।

  • Domain – इसमें सीधे आप अपना domain add कर सकते हो अर्थात इसमें आपको www., http:// तथा https:// etc. अलग अलग add करने की जरूरत नहीं रहती है। इसमें पूरा data एक ही जगह दिखाता है।
  • Prefix – इसमें यदि आपकी site http:// अथवा http:// के साथ है तथा subdomain हैं।

Example– xyz.com main domain एवं blog.xyz.com subdomain है, तो इस विकल्प की मदद से आप अलग अलग  data अलग अलग property की मदद से देख सकते हैं।

NOTE: Property add करने से पहले आगे के steps read करें।

Google search console property

Step #4:  Verify Ownership

इससे Google search console यह verify करता है कि आप ही website के owner हैं या नहीं। जैसा कि हमने आपको बताया Property add करते समय दो विकल्प आते हैं पहला Domain और दूसरा Prefix।

यदि आप Domain add करते हो तो आपको ownership Domain name provider (DNS record) की मदद से verify करना होगा।

वहीँ आप यदि Prefix विकल्प की मदद से property add करते हैं तो आपको ownership verify करने के लिए 5 विकल्प मिल जाते हैं HTML File, HTML Tag, Google Analytics, Google Tag Manager तथा Domain name provider (DNS record)।

Domain name provider (DNS record) यह विकल्प Domain और Prefix दोनों में common है जबकि prefix में 4 extra option मिल जाते हैं।

हम आपको Prefix विकल्प ही suggest करेंगे क्योंकि इसमें आप अपने blog अथवा website के domain, subdomain, with http:// or https:// etc. सभी को अलग अलग monitor कर सकते हैं।

आइये Ownership verify करने के सभी 5 विकल्पों के बारे में जानते हैं –

1.HTML File

इस Option को select करने पर हमें एक HTML file download करने के लिए मिलती है. उस File को download करके उसमें बिना कुछ changing किये उसे website के root folder में upload करना होता है. यह Process थोड़ी hard है. इसके लिया हमारा अपनी Website के server में access होना चाहिए. WordPress में Cpanel तथा FTP की मदद से HTML file को upload किया जा सकता है. Upload करने के बाद वापस search console में आये और नीचे दी हुई ‘Verify’ button में click करें।

2.HTML Tag

इस विकल्प को चुनने पर एक Simple सा meta tag दिया जाता है जिसे copy करके अपनी website के <head> section के अन्दर तथा <body> section के पहले करना होता है।

Blogger में template edit विकल्प के माध्यम से आसानी से किया जा सकता है. WordPress में इसे Theme edit से किया जा सकता है. या फिर WordPress में insert header & footer plugin की मदद से भी इस tag को add किया जा सकता है. Insert करने के बाद वापस search console में आये और नीचे दी हुई ‘Verify’ button में click करें।

3. Google Analytics

यदि आपने Google analytics में पहले account बनाया है तो आपने उसका code अपनी website में add किया होगा. यदि Code पहले से add है इस विकल्प से आप direct verify कर सकते हैं. यदि Code नहीं है तो इसके लिए पहले analaytics account बनाना पड़ेगा।

4. Google Tag Manager

Google analytics की तरह ही यदि आप google tag manager का उपयोग पहले से करते हैं तो आप single click में ही अपनी ownership verify कर सकते हैं।

5. Domain Name Provider (DNS Record)

इस Option को select करने पर आपको एक TXT record show होगा उसे copy कर लें. इसके बाद अपने Domain name provider की website खोलें. DNS option select करें और ‘Add record’ में click करें. यहाँ पर Type .txt select करें. Value में copy किया text paste कर दें और save कर दें. इसके बाद वापस search console में आये और नीचे दी हुई ‘Verify’ button में click करें।

WordPress Users के लिए Extra Tips

यदि आप WordPress use करते हैं तो हम आपको 2 plugin बता रहे हैं जिनमें से कोई सा भी plugin यदि आप पहले से उपयोग करते हैं तो आप उसकी मदद से आसानी से ownership verify कर सकते हैं।

1.Yoast SEO

यदि आप Yoast SEO plugin का उपयोग करते हैं तो ownership verification methods में से HTML Tag वाला विकल्प चुनें और tag copy कर ले।

इसके बाद अपना WordPress dashboard open करें और toolbar में से SEO > General में click करें. इसके बाद ‘Webmaster tools’ tab में click करें. यहाँ पर आपको ‘Google verification code’ विकल्प मिल जाएगा उसके सामने दिए हुए box में copy किया हुआ code paste कर दें और ‘Save changes’ button में click करें. इसके बाद वापस search console में आये और नीचे दी हुई ‘Verify’ button में click करें।

2. All in One SEO Pack

Yoast SEO की तरह ही यदि आप All in One SEO Pack plugin का उपयोग करते हैं तो उसी तरह ownership verification methods में से HTML Tag वाला विकल्प चुनें और tag copy कर लेवें।

इसके बाद अपना WordPress dashboard open करें और toolbar में से All in One SEO > General में click करें. इसके बाद आपको यहाँ दिए हुए Sections में ‘Webmaster verifaction’ section मिल जाएगा. यहाँ पर आपको ‘Google webmaster tools’ विकल्प मिल जाएगा उसके सामने दिए हुए box में copy किया हुआ code paste कर दें और ‘Save changes’ button में click करें. इसके बाद वापस search console में आये और नीचे दी हुई ‘Verify’ button में click करें।

सामान्यतःपूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs):

1. मेरी वेबसाइट गूगल सर्च (Google search) पर क्यों नहीं है?

यदि आपकी साइट Google पर दिखाई नहीं दे रही है, तो इसकी सबसे अधिक संभावना निम्न कारणों में से हो सकती है:

  • Google ने अभी तक आपकी वेबसाइट को अनुक्रमित नहीं किया है। यह बिल्कुल नई वेबसाइटों के साथ सबसे आम है।
  • Google आपकी साइट को पर्याप्त रूप से “भरोसेमंद” या “प्रासंगिक” नहीं मानता है कि आप इउसे उन कीवर्ड के लिए दिखा सकें जिनके लिए आप रैंक करना चाहते हैं।
  • आपने अपने रोबोट डॉट टीक्सटी  (robots.txt) में गूगलबोट क्रॉलर (googlebot crawler) को अवरोधित (block) कर दिया है।
  • आपने एक पृष्ठ या साइट को “नोइंडेक्स” पर सेट किया है, वर्डप्रेस में “इस साइट को अनुक्रमित करने से खोज इंजन को हतोत्साहित करें” बॉक्स पर टिक किया है, या आपने किसी अन्य पृष्ठ को विहित संस्करण के रूप में सेट किया है।
  • आपने पेनालिटी लगाया है और Google ने आपकी साइट को डीइंडेक्स कर दिया है।
  • आपकी साइट में एक तकनीकी समस्या  हो सकती है जो Google को आपकी साइट को क्रॉल और अनुक्रमित करने से रोक रही है।

2. क्या मैं अपनी खुद की वेबसाइट होस्ट कर सकता हूँ?

हाँ आप कर सकते हो। लेकिन ऐसा करने से पहले, कुछ सीमाएँ हैं जिन पर आपको ध्यान देने की आवश्यकता है:

  • आपको पता होना चाहिए कि अपने कंप्यूटर पर WWW सर्वर सॉफ्टवेयर कैसे सेटअप करें। यह एक ऐसा सॉफ़्टवेयर है जो इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को आपके कंप्यूटर पर वेब फ़ाइलों तक पहुँचने की अनुमति देता है।
  • आपका इंटरनेट सेवा प्रदाता आपके होम कंप्यूटर पर वेबसाइट चलाने में आपकी सहायता करता है। आपको अपने बैंडविड्थ कोटा की जांच करनी होगी।
  • आपका कंप्यूटर को हर समय चालू रहना होगा। हर बार जब आप इसे बंद या रीबूट करते हैं, तो आपकी वेबसाइट अनुपलब्ध हो जाएगी। और आ[को फिर से search करना होगा।
  • आपकी वेबसाइट धीरे-धीरे लोड होगी क्योंकि होम इंटरनेट कनेक्शन वेब पेजों की सेवा के लिए डिज़ाइन नहीं किए गए हैं।

3.Google पर उच्च रैंक (Higher Rank) कैसे प्राप्त करें?

यदि आप Google में उच्च रैंक करना चाहते हैं तो मैं आपको बिल्कुल ठीक बताऊंगा कि Google में उच्च रैंकिंग कैसे प्राप्त करें, जो निम्न प्रकार है:

  • अपने ऑन-साइट एसईओ में सुधार करें।
  • अपने पेज में LSI कीवर्ड जोड़ें।
  • अपने तकनीकी एसईओ की निगरानी करें।
  • खोज  (search) के इरादे से अपनी सामग्री (content) का मिलान करें।
  • अपनी बाउंस दर (bounce rate) कम करें।
  • लक्षित (target) करने के लिए सम शब्द (even keyword) खोजें।
  • बेहद उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री  (High-Quality Content.) प्रकाशित करें।

4. मैं अपनी नई वेबसाइट का प्रचार (promote) कैसे करूं?

आखिर आपकी साइट का क्या फायदा, अगर कोई उसे देखने के लिए आसपास नहीं है? वेबसाइट के प्रचार के लिए आपको एक टन पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। वास्तव में, इसके लिए आपको कोई पैसा खर्च करने की आवश्यकता नहीं है।

अपनी वेबसाइट को मुफ्त में बढ़ावा देने के कुछ सर्वोत्तम तरीकों की खोज के लिए आगे पढ़ें।

  • अपनी वेबसाइट SEO को मजबूत करें।
  • ईमेल मार्केटिंग का लाभ उठाएं।
  • एक ब्लॉग शुरू करें।
  • अतिथि ब्लॉगिंग (guest blogging) का प्रयास करें।
  • सोशल मीडिया की ताकत का इस्तेमाल करें।
  • अपनी साइट को ऑनलाइन निर्देशिकाओं में जमा करें।
  • मंचों पर पोस्ट करें।
  • आउटरीच मार्केटिंग के साथ पहुंचें।
  • इसे अपने तरीके के साथ कहें।
  • गुणवत्ता (quality )पर ध्यान दें।

निष्कर्ष – Conclusion

इस आर्टिकल में हमने जाना है कि Google search console क्या होता है, इसका क्या उपयोग है तथा इसमें अपनी webiste अथवा blog कैसे add करते हैं. अगले आर्टिकल में हम इसके सारे features के बारे में विस्तार से बताएँगे जिसकी मदद से आप अपनी website अथवा blog को आसानी से optimize कर पायेंगे.

आपको यह आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं, आपको इस आर्टिकल से जुड़ा कोई प्रश्न है तो भी आप हमसे पूछ सकते हैं. अपने नए ब्लॉगर दोस्तों की सहायता भी जरूर करें ताकि वे भी इसका लाभ ले सकें. इसके लिए आप हमारे आर्टिकल को सोशल मीडिया में अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं.

Seo based content writing tips in hindi

Seo based content writing tips in hindi

Blogging की दुनिया  में  content को  बहुत  ज्यादा  महत्व  दिया  जाता  है।  यदि अपने  blog या website को  google में  Rank करवाना  है  तो आपके Content में Quality होनी चाहिए, क्योंकि Content  is  King। यदि  आप  अच्छा  Content नहीं  लिखते  हैं तो  search engine में आपकी website rank नहीं होगी  जिससे ज्यादा  visiter भी  आपके  ब्लॉग पर  नहीं  आएंगे।

आप अपने blog या website पे daily कितने भी पोस्ट publish करते हो लेकिन Content Quality और उसे SEO friendly बनाने पर ध्यान नहीं देते आप अपने पोस्ट में सिर्फ कचरा भर रहे हैं। ऐसे में आपकी website ना तो rank होगी और ना ही visiter आएंगे।

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बहुत सारे blogger और content writer को पता नहीं होता की कैसे Quality Content लिखते है? इसलिए मैंने सोचा की आपको SEO Friendly article कैसे लिखते है यह बताऊ जिससे आपका कंटेंट क्वालिटी बन सके।

SEO based content writing tips in HINDI

SEO Based Content Writing Tips In Hindi:-

यदि आप भी SEO based कंटेंट लिखना चाहते हैं तो इस पोस्ट में आगे बताए rules को फॉलो करके आप अच्छा  कंटेंट लिख सकते हैं। क्योकि गूगल को आपकी वेबसाइट से कोई लेना-देना नहीं होता की आप दिन की कितनी पोस्ट  डाल रहे हो या आप अपने वेबसाइट को कितना customize कर रहे हो। google सिर्फ यह देखता है की आपके blog द्वारा कितना अच्छा कंटेंट लोगो को मिल रहा है। तो चलिए जानते है की कैसे SEO Based content लिखे।

1.कीवर्ड रिसर्च:-

कोई भी कंटेंट लिखने से पहले आपको keyword research करना चाहिए। कीवर्ड रिसर्च का मतलब यह है कि हम जिस बारे में कंटेंट लिखना चाहते हैं उससे संबंधित कौन-कौन से phrase या word है जिसे लोगों के द्वारा सर्च इंजन में ढूंढा जा रहा है।

इसके बाद हमें उस keyword का search volume और difficulty देखने के बाद ही कीवर्ड का चुनाव करना चाहिए। keyword research के लिए बहुत सारे फ्री और paid tools है जिनकी मदद से आप कीवर्ड रिसर्च कर सकते हैं।

free keyword tools- Google Trends, Keyword Sheeter; Answer the Public; Keyword Surfer; Keyworddit; Google Search Console.

2.कीवर्ड प्लेसमेंट

कीवर्ड प्लेसमेंट means आपके द्वारा selected keyword को अपने web page (content) में ऐसे स्थान पर रखना जहां search engine वेब पेज (content) को check करते समय अधिक ध्यान देता है । इंटरनेट पर crawl करने के लिए सर्च इंजन spider या bot नाम के प्रोग्राम चलाता है, जो वेब पेज की जांच करता है। जांच के दौरान यह spider या bot page के कुछ स्थानों पर अधिक ध्यान देते हैं। इसलिए हमें spider या bot के द्वारा target किए जाने वाले स्थानों पर ही अपने कीवर्ड को place किया जाना चाहिए।

जाहिर सी बात है कि कंटेंट लिखते समय आप किसी एक keyword को बस target करना नहीं चाहेंगे लेकिन 100 keyword को target करना भी कोई अच्छा विचार नहीं है। इसलिए आप अपने कंटेंट में सिर्फ 5 से 10 keyword को ही टारगेट करें

बहुत ज्यादा keyword का उपयोग करने पर google punishment के रूप में हमारी रैंकिंग नीचे कर सकता है इसलिए बहुत ज्यादा keyword का उपयोग करने से बचें

Keyword place करने के लिए guidelines –
  1. एक अच्छा कंटेंट हेड लाइन के साथ कई हेड लाइनों में लिखा होता है इसलिए अपना keyword कंटेंट की हैडलाइन और सब हैडलाइन में जरूर place करें।
  2. अपने पहले 25 वर्ल्ड (पहले पैराग्राफ) में कीवर्ड का उपयोग जरूर करें क्योंकि गूगल bot और spider इन स्थानों पर सबसे अधिक ध्यान देते हैं।
  3. अपने लास्ट पैराग्राफ (आखिरी 25 वर्ल्ड)में कीवर्ड को प्लेस करें।
  4. आपके page में कम से कम एक बार bold keyword का उपयोग करें इससे आप रीडर को attract करने के साथ-साथ सर्च इंजन spider को भी attract करते हैं।

3.LongTail Keyword:-

कीवर्ड रिसर्च के समय हमेशा long tail keyword को चुने। क्योकि short tail कीवर्ड में competition ज्यादा होता है जिससे page रैंक करना मुश्किल हो जाता है, चाहे आपने कितना भी अच्छा content लिखा हो। वही आप लॉन्ग टेल कीवर्ड का इस्तमाल करते हो तो आपका ब्लॉग रैंक करने  में आसान हो जाता है। 

Long Tail keyword Example :- online paise  kaise  kamaye in india, online paise kamane ke  best tarike

यह लॉन्ग टेल कीवर्ड है पर यदि आप सिर्फ online Money (short tail) कीवर्ड का इस्तमाल करते हो तो उसे रैंक करना मुश्किल हो जाता है।  

4.यूनिक कंटेंट लिखे :-

कई सारे कंटेंट राइटर और ब्लॉगर कंटेंट राइटिंग के समय दुसरो के कंटेंट कॉपी करके उसको थोड़ा बहुत ऊपर निचे करके  अपने  ब्लॉग  के लिए  इस्तमाल  करते  है। इसे पूरी तरह Avoid  करे क्योकि गूगल इतना बेवकूफ नहीं है वो तुरंत समझ जाएगा की आपका यह कंटेंट कॉपी किया गया है। ऐसे में आपका कंटेंट ना ही कभी रैंक हो पाएगा ना ही आपका Ad scene approve हो पाएगा इतना ही नहीं गूगल के द्वारा आपको punishment भी दिया जा सकता है। 

इसलिए अपना कंटेंट यूनिक रखें और  खुद  लिखे  उससे लोगो  का  ट्रस्ट  आपके  ऊपर  और  ज्यादा  बढ़ेगा और वह आपके ब्लॉग  की  इन्फॉर्मेशन  को  पढ़ने  के  लिए  हमेशा आते रहेंगे। 

5.Titlle tag:-

Title किसी कंटेंट का सबसे अहम हिस्सा होता है, क्योंकि यह readers को यह बताता है कि किस page पर किस subject से संबंधित information मौजूद है। टाइटल टैग लिखने के अलावा इसे ऑप्टिमाइज करने की भी जरूरत होती है

Attractive टाइटल टैग के लिए tips :-
  1. Title  में  कीवर्ड  का यूज़ करे।
  2. Title length 50-60 कैरेक्टर के बीच होनी चाहिए।
  3. यूनिक टाइटल लिखें।

6.Image :-

कोई भी reader बहुत कम समय में पूरी जानकारी प्राप्त करना चाहता है। वह लंबे कंटेंट को पढ़ने में अपना ज्यादा समय नहीं देना चाहेगा। ऐसे में आपकी image reader को आपके पोस्ट में ज्यादा समय तक बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

निश्चित ही आप कंटेंट राइटर है कोई फोटोग्राफर नहीं, फिर भी आपको यह बात समझने की जरूरत है कि image आपके कंटेंट में सपोर्टिंग टूल की तरह काम करती है जो रीडर को attrect करने में अहम भूमिका निभाती है।

इमेज के लिए tips-

  • clear image का उपयोग करें।
  • किसी और की इमेज को अपने कंटेंट में कॉपी पेस्ट ना करें।
  • explainer image का उपयोग करें।
  • image को optimize करना ना भूले।

7. permalink:-

parmalink का URL है सर्च इंजन में कोई यूजर आपके पेज को नेविगेट करते समय इसे देख सकता है। parmalink स्थाई होता है भले ही आप अपने कंटेंट को कितनी भी बात अपडेट करें।

parmalink अपने फोकस कीबोर्ड का उपयोग करने के अलावा length ज्यादा बड़ा ना होने दें ।

 8. मेटा विवरण (Meta Description):

मेटा  डिस्क्रिप्शन ON Page SEO का एक फैक्टर है जो आर्टिकल रैंक करने  के लिए बहुत Important है।

इसलिए अपने ब्लॉग लिए  meta Description लिखना कभी ना भूले ।

Meta Description यानि ब्लॉग  का डिस्क्रिप्शन  होता । जिससे हमारे ब्लॉग की जानकरी लोगो को  थोड़े शब्दों में बताना। उससे यूजर को पता चलता है  की इस आर्टिकल में कोनसी जानकारी हमें मिलने वाली है।

इसलिए Meta Description  का इस्तमाल हमेशा सही तरीके  से करे  और उसमे फोकस कीवर्ड यूज़  करना ना भूले।

9. Heading Tag:-

अगर आप SEO के फैक्टर के अनुसार आर्टिकल  लिखना चाहते हो तो उस आर्टिकल में heading tag को optimize करना जरूरी है ।आपका जो title  होता है वो H1 टैग  में होता है । फिर बादमे आपको H1 टैग का इस्तमाल नहीं  करना  है।

पुरे आर्टिकल में H1 टैग का सिर्फ 1 बार इस्तमाल होना चाहिए।उसके बाद आपको Sub Heading use करना है और सभी हैडिंग डालना ना भूले।इससे आपके SEO पे अच्छा इफ़ेक्ट पड़ेगा।

सामान्यतःपूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या SEO सीखना कठिन है?

यह एक उचित प्रश्न है यदि आप मानते हैं कि सभी लोग नहीं जानते हैं कि खोज इंजन अनुकूलन क्या है और इसमें क्या शामिल है। उत्तर सीधा है। यह कठिन हो सकता है, क्योंकि खोज इंजन और अनुकूलन प्रक्रिया कैसे काम करती है, इसके बारे में पढ़ने के लिए बहुत सारी जानकारी है, और यह पहली बार में भारी हो सकता है। लेकिन, यदि आप इसे चरण-दर-चरण (step-by-step) लेते हैं और एक संरचित सीखने के दृष्टिकोण (सीखने की योजना) का पालन करते हैं, तो सब कुछ समझ में आने लगेगा और पूरी प्रक्रिया आसान हो जाएगी।

2. क्या SEO के लिए कंटेंट लिखना (Content writing) महत्वपूर्ण है?

SEO के लिए कंटेंट राइटिंग महत्वपूर्ण है क्योकि गुणवत्ता सामग्री लेखन (Quality content writing) के बिना, अच्छी खोज इंजन रैंकिंग (Good search engine rankings)  प्राप्त करने की कोई उम्मीद नहीं है। गुणवत्ता सामग्री लेखन (Quality content writing) आपके एसईओ (SEO) का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। गुणवत्ता के साथ, एसईओ-अनुकूल स्वरूपण (SEO-friendly format) बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि Google एल्गोरिदम आपके वेब पेज या ब्लॉग पोस्ट पर विशेष स्थानों पर महत्वपूर्ण शब्दों की तलाश करता है।

3. क्या कंटेंट लिखना कठिन है?

कंटेंट लेखन कठिन है। यह समझना चुनौतीपूर्ण हो सकता है कि आपके दर्शकों को सूचित करने के लिए सबसे अच्छी जानकारी क्या हो सकती है। हर महान वेबसाइट को अच्छी तरह से लिखित सामग्री (Well-written content) की आवश्यकता होती है। कोई भी ऐसा कुछ नहीं पढ़ना चाहता है जिसमें व्याकरण संबंधी त्रुटियों (Grammatical errors) और अत्यधिक उपयोग किए गए वाक्यांशों (Overused phrases) के साथ खराब लेख लिखे गए हों। यह न केवल गैर-पेशेवर (Unprofessional) दिखता है, बल्कि यह पाठकों को कुछ और दिखता है। गुणवत्तापूर्ण सामग्री (Quality content) का होना जो सूचनात्मक और रोचक हो, किसी भी वेबसाइट की सफलता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

4. क्या मैं खुद कंटेंट लिख सकता हूँ?

हा आप बिल्कुल खुद से कंटेंट लिख सकते हैं। कुछ शोध (Research) और बहुत सारे अभ्यास (lots of practice) के साथ, कोई भी कंटेंट लिखना सीख सकता है, कि अपने व्यवसाय के लिए कंटेंट कैसे लिखे। कंटेंट लिख के SEO के साथ आरंभ करने का एक त्वरित तरीका (Quick Way) यह है कि आप यहां अपना keyword रिसर्च करें और फिर अपने keyword प्रयासों को अनुशंसित कार्रवाई आइटम पर केंद्रित करें।

5. सामग्री लेखन (Content Writing) में कीवर्ड क्या हैं?

एसईओ प्रक्रिया का एक हिस्सा कीवर्ड का उपयोग कर रहा है: शब्द और वाक्यांश जो वर्णन करते हैं कि आपकी सामग्री किस बारे में है। फिर Google उस जानकारी का उपयोग यह निर्धारित करने के लिए करता है कि कौन सी सामग्री किसी विशेष खोज क्वेरी के लिए प्रासंगिक है, और किसी विशेष शब्द के लिए खोज में पृष्ठ को कैसे रैंक करना चाहिए। यही एक वेब पेज को उसकी खोज रैंक देता है ।

निष्कर्ष (Conclusion):- 

मुझे उमीद  है की  आपको मेरा Seo based content writing tips in hindi  यहआर्टिकल पसंद आया होगा। यदि आपको अपने आर्टिकल को  रैंक  करना है तो आपको ऊपर बताए गए tips को फॉलो करना होगा । तभी आप quality content लिख सकोगे और अपने ब्लॉग पर ट्रैफिक Increase कर पाओगे।  

यदि यह आर्टिकल अच्छा लगा होगा तो इसे सोशल मीडिया पे ज्यादा  से शेयर करे। जिससे सभी नए ब्लॉगर को अच्छा कंटेंट लिखने में मदत होगी और वो भी अपनी वेबसाइट ग्रो कर सकेंगे।कोई सवाल  या कोई सुझाव हो तो कमेंट करे।

अपनी website या blog पर Traffic कैसे बढ़ाएं ?

अपनी website या blog पर Traffic कैसे बढ़ाएं ?

दोस्तो, किसी भी blog या फिर website के लिए के traffic generate करना पहली priority होता है, इसके जरिए ही किसी भी platform की ranking decide की जाती हैं। लिहाजा आप इसकी importance को आसानी के साथ समझ सकते हो। traffic को बढ़ाने की कई techniques काफी प्रचलित हैं, जिनकी मदद से आप भी अपनी site या फिर blog की ranking में सुधार कर सकते हो, इसके लिए आपका SEO में बहुत हद तक Expert होना जरूरी नहीं है। आज हम अपने article में ऐसी ही कुछ खास techniques के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपके लिए काफी helpful साबित हो सकती हैं।    

Keyword research से पाएं traffic

Keyword research SEO से जुड़ा सबसे important task तो है ही, साथ ही यह किसी भी platform के लिए traffic generate करने में अहम भूमिका भी निभाता है। आप अगर अपनी site या blog पर कोई article publish करना चाहते हैं, तो उसके पहले जरूरी है, कि आप Keyword Research करें, जिससे आप यह जान पाओगे, कि मौजूदा वक्त में सबसे अधिक किस तरह कि Keyword trends में चल रहे हैं। अगर आप जरूरी Keyword के बारे में Research के बगैर अपना article publish करते हो, तो वह उम्मीद के मुताबिक traffic gain नहीं कर पाएगा, साथ Google search में भी उसे बेहतर ranking नहीं मिलेगी। Keyword Research के लिए कई website और tools available हैं, जिनकी help से आप trending keywords को खोजकर उससे जुड़ा बेहतर content तैयार कर सकते हैं। इसके साथ ही keyword से जुड़ा एक और important factor भी आपकी site पर traffic बढ़ाने में कारगर साबित हो सकता है, जिसे कहते हैं Long Tail Keywords। जिस Keyword की length तीन शब्दों से ज्यादा होती है उसे Long Tail Keywords कहते हैं।  इसका फायदा यह है, कि इसके जरिए आप ज्यादा से ज्यादा keyword को target करके Google search में अच्छी rank generate कर सकते हो।

Content की quality पर फोफस करें

अगर हम अपने content को traffic generate करने का सबसे important step करार दें, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं होगा। आपका बेहतर content ही visitor को आपके platform की तरफ आकर्षित करता है और वह लंबा समय आपकी site पर spend करता है। इसके साथ ही आपकी content quality ही आपकी Google ranking के निर्धारण में important factor साबित होती है। आपका content जितना rich होगा, Google उसे उतनी ही priority देगा, और किसी भी keyword की search में आपका content सबसे ऊपर display होगा। हालांकि इस बीच हमें content की length पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। आपका content जितना लंबा होगा वह उतनी ही बेहतर rank हासिल करेगा। हमेशा कोशिश करें, कि जिस subject पर आप लिख रहे हैं, उससे जुड़ी important detail उसमें जरूर जोड़े, जिससे उसकी length बढ़ने के साथ content high quality का बन सके।

Social media सबसे important tool

आज के समय में लगभग हर web platform द्वारा social media का उपयोग traffic बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। अलग अलग social sites जैसे facebook, twitter, instagram  पर आप अपने blog या website के content की link को share करके ज्यादा से ज्यादा reach प्राप्त कर सकते हो। जिससे न सिर्फ आपकी site के बारे में अधिक लोगों को पता चलेगा, बल्कि आपके platform पर visitors की संख्या में भी इजाफा होगा। इसके साथ ही आप अपनी post में sharing का option शामिल करना न भूलें, जिससे कोई भी user जिसे आपका content पंसद है, वह उसे share कर सकेगा और आपकी post की reach बढ़ सकेगी। वहीं social media पर audience बढ़ाने के लिए आप Social media advertising का भी सहारा ले सकते हो, जिसकी मदद से आपका content अधिक से अधिक social media user को नजर आएगा। 

Visitors के साथ interaction

जैसा कि हम जानते हैं, कि किसी भी site  या फिर blog पर visitor की अधिक संख्या ही traffic को generate करती है, ऐसे में visitors से ज्यादा से ज्यादा जुड़ाव हमारी priority होनी चाहिए। इसके लिए हम कई खास techniques को अपना सकते हैं। हमें अपनी post में visitor के comment का option जरूर खोलना चाहिए, और इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए, कि उनके हर comment का reply किया जाए। सिर्फ यहीं नहीं, बल्कि हमें अपने content को लेकर समय समय पर हमारे users के साथ interaction करना जरूरी है, हम उनसे सलाह लेकर अपना content तैयार कर सकते हैं, जो निश्चित तौर पर उन्हें पसंद आएगा। इसके साथ ही अलग अलग question and answer technique के जरिए भी आप अधिक से अधिक user से जुड़ सकते हो, और अपने platform पर traffic generate कर सकते हो।

Back link और internal linking का उपयोग करें

Back link और internal link का बेहतर उपयोग करके आप अपनी website या blog पर traffic बढ़ा सकते हो। इस दौरान आपको किसी एक post पर उससे related content की link share करनी होती है, जिससे user लंबे समय तक आपकी site पर engaged रहता है। इसके साथ ही आप अपने पुराने और important content की link को भी highly trends content पर share कर सकते हैं। जिससे नया user भी उन तक पहुंच सके। इस technique को traffic generate करने की कारगर तकनीक माना जाता है, हालांकि इस बीच एक बात ध्यान रखने की जरूरत है कि हम किसी भी ऐसी link का उपयोग न करें, जो spam या फिर अप्रासंगिक हो गई हैं। ऐसा करने पर Google हमारी rank को कम कर सकता है।

 Top site और blogs पर content share करें

अपने platform का traffic बढ़ाने के लिए आप दूसरे top platform का भी उपयोग कर सकते हैं, इसके लिए guest post सबसे कारगर technique है। किसी भी top site या blog पर आप जब guest post करते हो, तो उसके user को भी वह show होने लगती है, जिससे आपके content की reach बढ़ने के साथ आपकी site के view भी बढ़ने लगते हैं। इसके साथ ही किसी दूसरे blog पर comment लिखकर भी आप उसके visitor को अपनी तरफ attract कर सकते हैं।  

अपनी site पर visitor engagement को ट्रैक करें

अपनी website या blog पर visitors के engagement को ट्रैक करके ही आप अधिक traffic हासिल करने की technique के बारे में पता कर सकते हैं। दरअसल users की engagement को पता करके आप यह भी जान सकते हो, कि आपके platform पर वो क्या देखना या फिर क्या पढ़ना चाहता है। user की इस priority पर work करके आप ऐसा content create कर सकते हो, जिससे वह एक बार फिर attract हो और उस content के लिए अधिक से अधिक समय आपकी site पर spend करें, लिहाजा इस तरह की analyzing आपके लिए काफी helpful साबित हो सकती है।  

Website को Mobile Friendly बनाएं

जैसा कि आप सब जानते हैं, कि आज के समय में अधिकतर users web access करने के लिए desktop की जगह mobile का उपयोग करते हैं। यहां खास बात यह भी है, कि अब Google भी mobile friendly sites की high rank calculate करता है। लिहाजा हमारे सामने यह चुनौती है कि अपनी site को अधिक से अधिक mobile friendly बनाएं, जिससे user को हमारी site mobile पर run करने में किसी भी तरह की problem face न करना पड़े।  आपकी website mobile friendly है या नहीं इसका पता आप Google के mobile testing tool का उपयोग करके खुद लगा सकते हैं।

On page SEO क्या है ?

On page SEO क्या है ?

आज के समय में इंटरनेट सिर्फ हमारी जरूरत नहीं बना, बल्कि यह बड़े कमाई के साधन भी उपलब्ध करा रहा है। जब भी कोई user किसी search engine में कोई key word को type है, जो उससे जुड़े हजारों लाखों result सामने आ जाते हैं,लेकिन इन results में सबसे बेहतर रैंक उसी website को मिलती है, जिसने अपना on page SEO बेहतरीन तरह से manage
किया हो।

क्या है ये on page SEO और इसके जरिए आप अपनी website का traffic किस तरह से बढ़ा सकते हैं, इसकी जानकारी आज हम अपने इस आर्टिकल में देंगे।

क्या है on page SEO ?

किसी भी website के operation सबसे अहम भूमिका SEO (search engine optimization) की होती है, जो आपको आपकी website पर traffic बढ़ाने के साथ उसे search result में बेहतर रैंक दिलाने में मदद करता है। एक बेहतर SEO के जरिए ही आपकी website किसी भी search result में सबसे ऊपर नजर आएगी। अगर आप बेहतर SEO का उपयोग नहीं करते, तो जब users कुछ भी सर्च करेंगे, तो search engine आपकी साइट को SERPs में list नहीं कर पायेगा और आपकी website पर traffic हासिल कर पाना बहुत मुश्किल हो जाएगा।

Type of seo-

SEO दो तरह का होता है-

  1. on page SEO
  2. off page SEO

On page SEO – on page SEO एक ऐसी technique है, जिसके जरिए आप अपनी website की कंटेंट क्वालिटी के साथ उसके title,tagline, meta discription और key word को optimize करते हैं। on page SEO के जरिए ही कोई भी वेबसाइट या ब्लॉग सर्च इंजन में rank करते हैं।

Off page SEO – लिंक बिल्डिंग और कंटेंट Promotions off page SEO है.

अब हम आपको on page SEO से जुड़ी उन techniques के बारे में बताएंगे, जिसकी मदद से आप अपनी website के traffic को बढ़ा सकते हैं।

2020 में on page SEO के लिए एक complete guide

अपने title को ऑप्टिमाइज करें-

On page SEO का सबसे important part आपके ब्लॉग का title होता है। आपका title ही users को आपकी website की तरफ आकर्षित करता है। अगर आपका title impressive नहीं है, तो visitors आपकी website से जुड़े रिजल्ट पर क्लिक नहीं करेंगे, चाहे आपका content कितना भी बेहतर क्यों न हो।

यदि आप भी चाहते हैं कि आपका कंटेंट सर्च इंजन में बेहतर प्रदर्शन करें तो फिर attrictive title लिखना स्टार्ट करें.

Tips for title-

  • अपने title के साथ main keyword को भी जरूर add करें.
  • Long tail keyword के लिये modifiers (“best”, “guide”, “checklist”, “fast” and “review”) का उपयोग कर करें

NOTE: आप का title 50-60 कैरेक्टर से अधिक ना हो क्योंकि 60 से अधिक कैरेक्टर होने पर गूगल SERPs में title tag cut कर देता है. इसलिए अपना टाइटल 50-60 कैरेक्टर के बीच ही रखें.

Content quality-

2020 में On page SEO को बेहतर तरीके से manage करने के लिए आपको अपने content quality पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।आपका content जितना भी interesting और special होगा, visitors आपकी website की तरफ उतने ही आकर्षित होंगे। content लिखने से पहले आपको ध्यान देना होगा कि आपका content unique, वैल्युएबल और इंटरनेट पर लोग क्या सर्च कर रहे हैं उस पर आधारित होना चाहिए।

SEO friendly URL

आपको अपने ब्लॉग-पोस्ट के URL को हमेशा छोटा रखने की जरूरत है, साथ ही उसमें अपने main keywords को add करना भी न भूलें। इससे सर्च इंजन को आपके content को समझने में मदद मिलती है। अपने URL में कभी भी special characters का उपयोग न करें। और इसे हमेशा short और readable रखने की कोशिश करें।

Keyword research भी important part

Keyword research on-page SEO के important part में से एक है। यदि आप अपने ब्लॉग पर बेहतरीन आर्टिकल लिखते हैं,लेकिन इसके लिए keyword research नहीं करते हैं, तो आपके आर्टिकल search engine में रैंक नहीं करेंगे।

Keyword research आपके कंटेंट writing में इस तरह helpful हो सकता है-

  1. लोग क्या सर्च कर रहे हैं?
  2. कितने लोग इसे सर्च कर रहे हैं
  3. लोग किस तरह के फॉर्मेट में इंफॉर्मेशन चाहते हैं
  4. related कीवर्ड को गूगल में रैंक करा पाना आसान है या नहीं.

कई ऐसे free टूल और वेबसाइट हैं जो आपके आर्टिकल से संबंधित अच्छे कीवर्ड खोजने में आपकी मदद कर सकते हैं. ex- Google ad words, keyword planner.

First paragraph में keyword पर फोकस करें

आपको अपने आर्टिकल के first paragraph में कीवर्ड का उपयोग करना चाहिए, जिससे search engine को आपके content को समझने में आसानी होगी। इसके अलावा यह कोशिश करें, कि आपके आर्टिकल का महत्वपूर्ण हिस्सा कंटेंट के शुरूआत में लिंक हो, जिससे user आपके आर्टिकल की तरफ आकर्षित होता है और आपका content SERPs में बेहतर प्रदर्शन करता है।

Content में images optimization

SEO based optimize image भी आपके कंटेंट को गूगल के फर्स्ट पेज में रैंक कराने में अहम भूमिका निभाती है।

Seo friendly image बनाने के लिए easy tips-

  1. Compress images- image की quality बरकरार रखते हुए file size कम करें.
  2. Image के साथ Alt tag जरूर लगाएं .
  3. सबसे important इमेज को सबसे पहले लगाएं
  4. टेक्स्ट के माध्यम से इमेज को describe करें

Heading tags का बेहतर उपयोग करें

हालांकि अब heading tags साइट रैंकिंग के लिए इतने महत्वपूर्ण नहीं है जितने कि वह पहले हुआ करते थे. लेकिन यह टैग अभी भी आपके users और आपके SEO के लिए महत्वपूर्ण हैं. कंटेंट में एडल्ट ऐड करने से कंटेंट पढ़ने में पढ़ने और समझने में आसानी होती है

अगर आप अपने article में heading tags का proper use करते हैं, तो आपको search engine की रैंकिंग में अप्रत्यक्ष रूप से फायदा मिल सकता है। कोशिश करें, कि अपने content में उससे जुड़ी heading जैसे H1, H2 और H3 का बेहतर उपयोग करें और इसमें main keyword को भी add करें।

Meta Tags

meta tags ऐसे tags होते है, जो आपके content के बारे में अहम जानकारी को छोटे रूप में show करते हैं। आप meta description के जरिए अपने आर्टिकल के important part को visitor के सामने प्रस्तुत कर सकते हो। यह information आपकी site के link और article के title नीचे display होती है। हालाकी meta tag रैंकिंग में उतनी मदद नहीं करता है लेकिन फिर भी ऐसे कई पहलू है जहां meta tag अप्रत्यक्ष रूप से रैंकिंग को प्रभावित करता है।

External linking

आप अपनी website के article में External Linking के जरिए traffic को बढ़ावा दे सकते हैं। इसके लिए आपको अपने article में एक special segment के जरिए अलग अलग article की link के जरिए Reference को add करना होगा। इससे visitor लंबा समय आपकी website पर बिताएगा, कोशिश करें कि संबंधित Reference मौजूदा article के related ही हों।

Content updation करते रहें

अधिकांश कंटेंट राइटर नया कंटेंट क्रिएट करने में ज्यादा ध्यान देते हैं जिससे वह अपने पुराने कंटेंट को अपडेट करना भूल जाते हैं और यह एक बड़ी गलती है. अपनी website पर लिखे पुराने article, post या blog को समय समय पर update जरूर करते रहें। ऐसा करने से उनकी ranking में सुधार आता है, आपको बतादें, कि कोई भी search engine fresh content को ही ज्यादा priority provide करता है।

Content की length

आपके कंटेंट की औसत लंबाई 2000-2500 शब्दों की होनी चाहिए. हालाँकि सर्च इंजन में रैंकिंग word counting पर आधारित नहीं है. कई सारे अन्य SEO factor हैं जो आप के कंटेंट को rank करने में मदद करते हैं. लेकिन average लंबाई का कंटेंट भी SEO का एक अहम हिस्सा है, हालांकि इस बीच यह ध्यान रखना भी जरूरी होता है, कि आपका Content पूरी तरह unique और impressive हो।

Website का Mobile Friendly होना जरूरी

आज के समय में अधिकतर users इंटरनेट का उपयोग अपने mobile पर करते हैं। लिहाजा यह जरूरी हो जाता है,कि आपकी Website का Mobile Friendly होनी चाहिए। अगर आपकी साइट Mobile Friendly नहीं है, तो Google आपकी रैंकिंग को कम कर देगा, जिसका सीधा असर आपकी Website के traffic पर पड़ेगा। इसलिए सबसे पहले यह जांच करें कि आपकी साइट मोबाइल फ्रेंडली है या नहीं। इसे चेक करने के लिए आप Google के Mobile Testing Tool का उपयोग कर सकते हैं।